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Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Kab Aur Kaise Hua | भारतीय संविधान का निर्माण

भारतीय संविधान के इस पोस्ट मे आपको Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Kab Aur Kaise Hua इसकी पूरी जानकारी इस पोस्ट मे दी गई है। और इसी के साथ भारत के संविधान के निर्माण कैसे हुआ, कौन-कौन लोग शामिल थे भारत का संविधान बनाने मे इनकी पूरी जानकारी इस पोस्ट मे पूरी दी गई है।

क्योंकि बहुत लोगों को ये जानकारी नहीं है कि भारत का संविधान कैसे बना और कब से इसके बनने की शुरुआत हुई। किन लोगों ने भारतीय संविधान के निर्माण मे अपना योगदान दिया और भारत को एक अच्छा देश बनाने मे योगदान दिया। तो चलिए जानते है इसके बारे में।

Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Kab Aur Kaise Hua

Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Kaise Hua?

भारतीय संविधान के निर्माण की बात करें तो आप यह जान लें की इसकी शुरूआत 1773 के रेग्यूलेटिंग ऐक्ट से शुरू हुआ माना जाता है। क्योंकि, भारत मे आये रेग्यूलेटिंग ऐक्ट के द्वारा ही भारत मे विधि कि स्थापना, कंपनी पर पकड़ तथा भारत को एक करके उसके लिए नियम बनाए गये, पर यहाँ तक संविधान का निर्माण नहीं हुआ था।

सन् 1922 मे महात्मा गांधी ने 1922 मे असहयोग आंदोलन के दौरान गांग भारत क नागरिकों के लिए आवाज़ उठाई, फिर कानूनी आयोगों और तीनो गोलमेज़ सम्मेलनों की असफलता के कारण भारतीय नागरिकों की आकांक्षाओं की पूर्ति करने के लिए गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 पारित हुआ।

फिर कांग्रेस ने 1935 ईस्वी मे यह मांग की कि भारत का संविधान देश के नागरिकों के द्वारा ही बनना चाहिए। 1938 ईस्वी में जवाहर लाल नेहरू ने 1939 ईस्वी में कांग्रेस ने संविधान सभा की मांग की।

भारतीय संविधान का निर्माण

भारतीयों के लिए ब्रिटिश सरकार ने 1942 ईस्वी मे क्रिस्प मिशन भारत मे भेज़ा जिसका पुरजोर विरोध हुआ और उसे अस्वीकार कर दिया गया। फिर ब्रिटिश सरकार ने 1946 में एक मंत्रिमंडस मिशन योजना प्रस्तुत किया गया।

संविधान सभा की स्थापना

1946 मे ब्रिटिश सरकार ने कैबिनेट मिशन ने भारत देश के लिए एक नया संविधान बनाने के लिए संविदाध सभा की स्थापना किया गया। फिर 1946 मे चुनाव हुआ जिसके बाद संविधान सभा मे 389 सदस्य थे, जिसे बाद मे घटा कर 299 कर दिया गया। कम इस कारण किया गया क्योंकि पाकिस्तान देश के लिए अलग संविधान सभा का गठन किया था।

296 सीटें ब्रिटिश भारत और 93 सीटें देशी रियासतों को आवंटित की जानी थीं। सामान्यता 10 लाख की जनसंख्या पर एक सीट का आवंटन किया गया था। इनका निर्धारण तीन समुदायों के बीच किया गया- सिख, मुस्लिम और सामान्य के आधार पर विभाजन हुआ।

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली मे हुई। जिसमे केवल 207 सदस्य ही उपस्थित हुए, जो केवल कांग्रेस के ही सदस्य थे। यहाँ देशी रियासत हैदराबाद ने भाग नहीं लिया था।

11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया। एच. सी. मुखर्जी को उपाध्यक्ष और बी. एन. राव को संविधान सभा के लिए संवैधानिक सलाहकार के रूप मे चुना गया।

फिर 13 दिसंबर 1946 को ही जवाहरलाल नेहरू जी ने संविधान सभा मे उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया, जिसे 22 जनवली 1947 को सभी ने स्विकार कर लिया।

संविधान निर्माण के लिए विभिन्न समितियां

समितियांअध्यक्ष
संघीय संविधान समितिजवाहरलाल नेहरू
संघ शक्ति समितिजवाहरलाल नेहरू
प्रांतीय संविधान समितिसरदार वल्लभभाई पटेल
प्रारूप समितिभीमराव अम्बेडकर
प्रक्रिया नियम समितिराजेंद्र प्रसाद
संचालन समितिराजेद्र प्रसाद
राज्यों के लिए समितिजवाहरलाल नेहरू
तदर्थ राष्ट्रीय ध्वज समितिराजेंद्र प्रसाद
मौलिक अधिकारों एवं अल्पसंख्यकों संबंधी परामर्श समितिसरदार वल्लभभाई पटेल
मौलिक अथिकार उप-समितिजे.बी. कृपलानी
अल्पसंख्यक उप-समितिएच.सी. मुखर्जी

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भारतीय संविधान की प्रारूप समिति

29 अगस्त 1947 को संकल्प पारित करके प्रारूप समिति का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर को चुना गया। इस समिति का कार्य संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राव द्वारा तैयार किया गया संविधान के प्रारूप पर विचार-विमर्श करना था। प्रारूप समिति ने 21 फरवरी 1948 को संविधान सभा को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

प्रारूप समिति के सदस्य

अध्यक्ष1. डॉ. भीमराव अंबेडकर
सदस्य2. एन. गोपालास्वामी आयंगर
3. अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर
4. डॉ. के.एम. मुंशी
5. सैय्यद मो. सादुल्ला
6. एन. माधव राव
7. टी.टी. कष्णामाचारी

Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Kab Aur Kaise Hua

29 अगस्त 1947 को संविधान सभा ने भारत का संविधान तैयार करने के लिए डॉ. भीम राव अंबेडकर की अध्यक्षता मे संविधान मसौदा समिति यानी Draft Committee का गठन किया। इसमे बी. एन राव संविधान सभा के सदस्य नहीं थे, परन्तु संवैधानिक सलाहकार के रुप में कार्य कर रहे थें, इन्होंने ही संविधान सभा की मसौदा समिति का प्रारम्भिक स्तर का मसौदा बनाया था।

इस संविधान सभा में कोई भी बाहरी यानी विदेशी व्यक्ति नहीं था। तो भारतीयों ने ही अपना संविधान अपने आप ही बनाया। क्योंकि देश आजाद हुआ था तो उसको एक करने का कार्य भी इन्ही के कंधो पर था और उन्होंने इस कार्य को पूरा भी किया।

संविभाद सभा का प्रथम वाचन 4 नवंबर से 9 नवंबर 1948 तक, दूसरा वाचन 15 नवंबर, 1948 से 17 अक्टूबर 1948 तक तथा तीसरा एवं आखरी वाचन 14 नवंबर 1949 से 26 नवंबर 1949 तक चला था। संविधान सभा के सदस्यों ने यह तय किया था कि संविधान के निर्माण मे आस सहमति से कार्य करेंगे न की बहुमत के द्वारा। इसमे भारत की जनता से भी राय मांगा गया था। संविधान की मसौदा समिति को कुल 7535 संशोधन प्राप्त हुए जिनमें से 2473 पर ही चर्चा की गई थी।

इस प्रकार से 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को पारित कर दिया। भारत के संविधान को बनने मे कूल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगें। जिसने 165 दिन कार्य हुए और 11 सत्र आयोजित कि गई थी। संविधान के कुल 15 अनुच्छेदों को 26 नवंबर 1949 को ही लागू कर दिया गया था, बाकी को 26 जनवरी 1950 मे लागू किया गया था।

भारत के संविधान पर सर्वाधिक प्रभाव भारत के शासन अधिनियम 1935 का है। इसमे से लगभग 250 अनुच्छेदों के संविधान मे डाला गया था।

संविधान सभा के महत्वपूर्ण तथ्य

पहली बैठक9 दिसंबर 1946
अस्थायी अध्यक्षडॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
स्थायी अध्यक्षडॉ. राजेन्द्र प्रसाद
उपाध्यक्षएच. सी. मुखर्जी
संवैधानिक सलाहकारसर बी. एन. राव
प्रारूप पर बहस114 दिन
कुल खर्च63,96,729 रुपये
कुल वाचनतीन
संविधान अपनाया गया26 नवंबर 1949
संविधान लागू हुआ26 जनवरी 1950

इसे भी देखें- Bhartiya Samvidhan Kab Lagu Hua

Bhartiya Samvidha Ki Aur Jankari

शुरू मे भारतीय संविधान मे कुल 22 भाग, 8 अनुसूचियां और 395 अनुच्छेद थें, पर बाद मे कई संविधान संशोधनों के द्वारा इसमे कई अनुच्छेद जोड़े व हटाए गये। तो इस तरह वर्तमान मे भारतीय संविधान मे कुल 452 अनुच्छेद, 25 भाग और 12 अनुसूचियां है।

Note- भारत का राष्ट्रीय गीत तथा राष्ट्रगान को 24 जनवरी 1950 को अपनाया गया तथा राष्ट्रीय ध्वज को 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा के द्वारा अपनाया गया था।

Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Questions

Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Kab Hua?

भारतीय संविधान का निर्माण 29 अगस्त 1947 से शुरु हुआ और 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को पारित कर दिया। भारत के संविधान को बनने मे कूल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगें और यह दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।

भारतीय संविधान की प्रारूप समिति मे कितने सदस्य थें?

प्रारूप समिति में कुल 7 सदस्य थें तथा प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर जी थें।

Bhartiya Samvidha Me Kitne Anuched Hai?

वर्तमान मे भारत के संविधान मे कुल 452 अनुच्छेद, 25 भाग तथा 12 अनुसूचियां है।

को इस पोस्ट के द्वारा आप सभी को Bhartiya Samvidhan Ka Nirman Kab Aur Kaise Hua की जानकारी मिल गई होगी। अगर आपको भारत के संविधान से संबंधित कोई और जानकारी चाहिए तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछे।

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