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KFT Full Form In Hindi, जाने KFT क्या होता है?

आप मे से कई लोग मेडिकल क्षेत्र के बारे मे जानते होंगे। पर क्या आप KFT के बारे मे जानते है तथा KFT Full Form क्या होता है? अगर आप इसके बारे मे नहीं जानते, तो इस पोस्ट मे आपको केएफटी के बारे मे पूरी जानकारी मिलेगा। तो बस नीचे बढ़े और इसके बारे मे जाने।

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KFT Full Form In Medical

पहले आप यहाँ यह जान लें कि, KFT Ka Full Form English में “Kidney Function Test” है तथा इसे हिंदी मे किडनी फंक्शन टेस्ट कहते है। KFT medical क्षेत्र मे प्रयोग होता है। Medical क्षेत्र मे यह एक प्रकार का टेस्ट है, जिसमे आपकी किडनी का टेस्ट होता है।

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KFT Kya Hota Hai?

मेडिकल क्षेत्र मे यह एक प्रकार का टेस्ट है, जिसमे आपके शरीर के गुर्दे का टेस्ट किया जाता है। जब व्यक्ति बीमार होता है तथा अगर उसके किडनी मे कोई समस्या आ जाती है तब डॉक्टर KFT टेस्ट के लिए कहते है। इसमे आपके गुर्दों की जांच होता है। जिसके आधार पर डॉक्टर आगे का उपचार करता है। इसे यूरिया एण्ड इलेक्ट्रोलाइट टेस्ट या फिर रिनल फंक्शन टेस्ट भी कहते है। पर जैसा मैने ऊपर KFT Full Form मे बताया है कि इसको आप Kidney Function Test ही कहीए।

KFT Test क्यों कराया जाता है

डॉक्टर लोग किडनी का टेस्ट इस लिए प्रमुख रूप से कराते है ताकि KFT Test के द्वारा मालूम पड़ सके की आपके शरीर की किडनी का फंक्शन सही तरह से हो रहा है या नहीं। अगर कोई समस्य टेस्ट के बाद मलूम पड़ती है तो डॉक्टर उस आधार पर इलाज़ करेगा।

इसी टेस्ट के साथ ही क्रिएटिनिन, यूरिया, यूरिक एसिड जैसे कई खनिजों के बारे मे पता चल जाता है। क्योंकि ये सभी खनिज अगर शरीर मे न हों तो व्यक्ति की स्थिति बहुत खराब हो सकती है।

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KFT Test मे क्या होता है?

इस टेस्ट मे जिस व्यक्ति की KFT टेस्ट होता है उसके खुन का सैंपल लिया जाता है। जिसमे सैंपल लेने वाला व्यक्ति के बाजू मे नस को चेक करके, उचित जगह से खून निकालता है। इसमे बड़ी सावधानी रखी जाती है क्योंकि अगर खून सहीं से न निकाला जाये तो वह घाव बन सकता है तथा KFT का टेस्ट भी सही से नहीं हो पायेगा। इसलिए आप भी हमेशा ध्यान जरूर दीजिएगा।

खुन न सैंपल लेने के बाद वे इस खून को लेबोरेटरी मे ले जाते है। जहाँ इस खून से किडनी फंक्शन टेस्ट, यूरीया टेस्ट, यूरिक एसिड जैसे भी टेस्ट किये जाते है। जिससे व्यक्ति का सही इलाज हो। क्योंकि डॉक्टर को सटीक जानकारी टेस्ट से ही मिलती है।

KFT का टेस्ट कब कराया जाए?

केएफटी का टेस्ट तभी होता है जब-

  • आपके शरीर मे यूरीय का स्तर ज्यादा बढ़ा जाता है तब डॉक्टर केएफटी टेस्ट कराने को कहता है।
  • जब पेशाब सही से न निकले तब भी इसका टेस्ट कराया जाता है।
  • बजुर्ग लोगों के गूर्दे की खराबी का पता लगाने के लिए KFT टेस्ट होता है।
  • अगर आपके शरीर मे पानी की कमि महसूस हो रही है तब आपको इसका टेस्ट कराना हो बहुत जरूरी होता है।
  • खून मे क्रिएटिनिन का उच्चस्तर जांचने के लिए इसका टेस्ट कराया जाता है, क्योंकि इसकी वजह से भी गुर्दे काम करना बंद कर देतें है।

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तो इस पोस्ट मे मैने आपको KFT Full Form In Hindi के बारे मे सारी जानकारी देदी है। अगर आपको मन मे Full Form Of KFT संबंधि कोई प्रश्न हो तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते है। बाकी आप यह जान लें कि KFT आपके शरीर के एक अंग यानी किडनी से संबंधि एक टेस्ट है जो व्यक्ति के बीमार होने पर कराया जाता है।