Essay On Peacock In Hindi

इसे पोस्ट मे मैने मोर का निबंध हिंदी में डाला है। बहुत से छात्र Essay On Peacock In Hindi को ढूंढते है। इस नाते मैने ये पोस्ट बनाई है। अगर आप पढ़ाई करते है तथा किसी भी परीक्षा या फिर किसी स्कूल के छात्र हैं तो यह पोस्ट आपके लिए लाभदायक है।

Essay On Peacock In Hindi

मोर एक ऐसा पक्षी है जो भारत में एक राष्ट्रीय महत्व रखता है। सबसे उल्लेखनीय बात यह कि, यह पक्षी अपने सुंदर जीवंत रंगों के लिए प्रसिद्ध है। मोर अपनी शानदार सुंदरता के लिए लोकप्रिय है। यह निश्चित रूप से एक मनमोहक पक्षी का रूप है। मानसून के मौसम में इसे नाचते देखना एक बहुत ही खुशी का अनुभव करता है। इसके शरीर के खूबसूरत रंग आंखों को काफी सुकून पहुंचाते हैं। मोर का भारतीय परंपराओं में महत्वपूर्ण पद रखा है यह भारतीय संस्कृति का एक अंग ही है। इसी कारण, मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया गया है।

मोर का शारीरिक रूप

मोर के पास एक आश्चर्यजनक सुंदरता है। इसी कारण, इस पक्षी को दुनिया भर से बहुत सराहना मिलती है। इसकी चोंच से ले कर पूँछ के अंत तक उसकी लंबाई 195 से 225 सेमी है। साथ ही, इनका औसत वजन 5 किलो तक का होता है। इसी तरह मोर का सिर, गर्दन और सीना इंद्रधनुषी नीले रंग के होते हैं। उनके आंखों के आसपास सफेद रंग के छोटे पैच जैसा भी होता हैं।

मोर के सिर के ऊपर पंखो की एक शिखा होती है, जो उसके रूप को और अच्छा करती है। मयूर की सबसे उल्लेखनीय विशेषता उसकी सुंदर पूंछ है। इस पूंछ को “ट्रेन” कहा जाता है। एक मोर में यह ट्रेन 4 साल की हैचिंग के बाद पूरी तरह से विकसित होता है। इनकी संख्या 200 के लगभग होती है। ये पंख विशाल लम्बी ऊपरी पूंछ का हिस्सा होते हैं। ट्रेन के पंखों में जगह-जगह पंख रखने के लिए कांटे नहीं होते, जिस नाते इनके पंखों का जोड़ ढीला होता है।

मयूर में जो रंग पाया जाता है वह एक जटिल माइक्रोस्ट्रक्चर का एक परिणाम है, जो microstructures ऑप्टिकल की घटना पैदा करते हैं। हर एक पंख में आंख की तरह दिखने वाली अंडाकार आकार की एक सुंदर आकृति होती है। मोर के पिछले भाग के पंख भूरे रंग के होते है, जोकि छोटे और सुस्त हैं।

मोर का व्यवहार

मोर अपने पंखों के आकर्षक व आकृति के सुंदर प्रदर्शन के लिए प्रसिद्ध है। मोर अपनी ट्रेन को फैलाते हैं मोरनी को लुभाते है। इसे प्रेमालाप प्रदर्शन कहा जाता है। इसी पुरुष के प्रेमालाप प्रदर्शन में आई-मेट की संख्या संभोग को सफल बनाती है।

मोर एक सर्वाहारी प्रजाति का पक्षी हैं। यह बीज, कीड़े, फल और यहां तक कि छोटे स्तनधारियों को भी खा लेता है। मोर की यह खासियत है कि ये छोटे समूहों में रहते हैं। एक समूह में लगभग एक पुरुष और 2-5 महिलाएं होती हैं। जैसा आप जानते है इसको बहुत लोग इनके पंख के नाते पकड़ने की कोशिश करते है इसलिए वे ज्यादातक पेड़ के ऊपर ही रहते है। ये चलने मे धीमे तथा उड़ने मे काफी तेज होते है।

देखा जाये तो मयूर एक मंत्रमुग्ध करने वाला पक्षी है। यह केवल इस पक्षी के सुन्दर रूप तथा इसके पंख के नाते लोग इसके तरफ खींचे चले आते है। अकस्र भारत देश के हर गांव मे यह पक्षी आपको बड़ी ही आसानी से देखने को मिल जायेगा। इसकी असीम सुंदरता तथा मनमोहकता के गुण के ही कारण यह भारत देश के गौरव को बढ़ाने वाला राष्ट्रीय पक्षी है।

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